हजरत शाह मंसूर एजाज कुद्दुसी साबरी के कुल की रस्म हुई अदा,अमन भाईचारे की मांगी दुआ

बरेली– दरगाह साबिर पाक के गुज़िश्ता सज्जादानशीन हजरत शाह मंसूर एजाज कुद्दुसी साबरी के कुल शरीफ की नज़र बाद नमाज़ ए जुमा सिविल लाइन मस्जिद नोमहला शरीफ परिसर स्थित दरगाह नासिर मियाँ रहमतुल्लाह अलेह पर अदा की गई,कुल शरीफ के मौके पर हज़रत शाने अली कमाल मियाँ साबरी नासरी ने बुज़ुर्गों की सुफियाना ज़िन्दगी पर रौशनी डालते हुए कहा कि साबरी लंगर पूरी दुनिया में मशहूर है,हर ज़रूरतमंद की मदद ही बुज़ुर्गों से सच्ची और पक्की निस्बत और मोहब्बत है।
इसी कड़ी में समाजसेवी पम्मी खां वारसी ने कहा कि खानकाहों से हमेशा हक़ और इंसानियत का पैगाम दिया जाता हैं,कुल शरीफ की महफ़िल सूफ़ी वसीम मियाँ साबरी नासरी की ज़ेरे निगरानी में हुई,खुसूसी दुआ में मुल्क व आवाम की खुशहाली,तरक़्क़ी, कामयाबी,सलामती, बीमारो की शिफ़ा,अल्लाह बुज़ुर्गों के वसीले से दिल दुःखाने वालों को हिदायत फरमा।
दरगाह साबिर पाक के साहिबे सज्जादा हज़रत शाह अली एजाज कुद्दुसी साबरी अली शाह मियाँ,दरगाह नासरी के सज्जादानशीन हज़रत ख़्वाजा सुल्तान अहमद नासरी,हज़रत शाह यावर एजाज,हज़रत ख्वाजा सलमान मियाँ आदि की ज़ेरे सरपरस्ती में नज़र पेश की गई,आखिर में हाज़रिन ए महफ़िल को लंगर तबर्रूक बांटा गया,
इस मौके पर शाने अली कमाल मियाँ,सूफी वसीम मियाँ,समाजसेवी पम्मी वारसी,नदीम कुरैशी,नईम खान,कल्लन मियाँ,साजिद साबरी, नसीम,रिज़वान नन्ना मियाँ,कसिम,सलीम साबरी,इमरान,यासीन आदि अकीदतमंद शामिल रहे।